ओडिशा के बाद पंजाब सरकार ने 1 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा, पंजाब में 30 अप्रैल तक कर्फ्यू
(India) कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए अब पंजाब सरकार ने भी लॉक डाउन की अवधि बढ़ा दी है। बता दे की इससे पहले ओडिसा सरकार ने लॉक डाउन की अवधि 30 अप्रेल तक बढ़ा दी है। कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके अनुसार- पंजाब में लॉकडाउन की अवधि को 1 मई तक बढ़ा दिया गया है। देश में कोराना संक्रमण के मरीजों की संख्या 6 हजार 910 हो गई है। आज 161 नए मामले सामने आए। इनमें से राजस्थान में 57, मध्यप्रदेश में 36, गुजरात में 21, महाराष्ट्र में 16, पश्चिम बंगाल में 13 मरीज मिले हैं। हरियाणा में 5, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा में 4-4, आंध्रप्रदेश और बिहार में 2-2, जबकि झारखंड में 1 मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस बीच, पंजाब में कर्फ्यू को 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया है। कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। ओडिशा के बाद पंजाब दूसरा राज्य है, जहां कर्फ्यू का समय बढ़ाया गया है। इससे पहले, गुरुवार को देश में एक दिन में रिकॉर्ड 813 पॉजिटिव मिले थे।
चीन के वुहान से निकला कोरोना वायरस भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में तबाही मचा रहा है। भारत में पिछले कुछ दिनों के भीतर ही कोरोना वायरस के केसों में तेजी देखने को मिली है। भारत में कोरोना संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों में मन में बार-बार यह सवाल उठ रहा है कि क्या हम कोविड़-19 की तीसरी स्टेज में पहुंच गए हैं? लेकिन इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (world health organization) ने साफ कर दिया है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन (community transmissions) का कोई खतरा नहीं है।
WHO की ओर से यह बयान उस बयान की सफाई के रूप में दिया गया है, जिसमें भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बताया गया था। लेकिन WHO ने अब स्पष्ट कर दिया है कि भारत में ऐसा कोई खतरा नहीं है, लेकिन क्लस्टर ऑफ केस जरूर बढ़े हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सफाई देते हुए कहा कि भारत के कुछ राज्यों में कोविड-19 के मामले जरूर बढ़ें हैं, जिनकों कस्टर ऑफ केस कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पिछली रिपोर्ट में गलती से भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बताया गया था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। आपको बता दें कि WHO की रिपोर्ट आने के बाद भारत की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था।

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