प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार 14 अप्रैल, यानी कल सुबह 10 बजे एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। कोरोनावायरस पर यह उनका 26 दिन में देश के नाम चौथा संदेश होगा। कहा तो यही जा रहा है कि मोदी लॉकडाउन दो हफ्ते और बढ़ाने का ऐलान कर सकते हैं। यानी 30 अप्रैल तक देशबंदी। इससे पहले 24 मार्च को उन्होंने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। यह 25 मार्च से शुरू हुआ था। 14 अप्रैल इसकी आखिरी तारीख है। पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और बंगाल में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ चुका है। बीते शनिवार प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में 78 करोड़ की आबादी वाली 13 राज्य सरकारों ने देशभर में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने के सुझाव पर सहमति जताई थी।
केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को बताया गया कि कोरोना संकट से निपटने के लिए हर स्तर पर तकनीक की मदद ली जा रही है। मैनजेमेंट और कंटेनमेंट प्लान और पॉजिटिव केस और एक्टिव केस पर नजर रखने के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है। इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर बनाए गए हैं। लोकल मेडिकल स्टोर को तकनीक के माध्यम से जोड़ा गया है। सरकारी, निजी, छोटे और मध्यम स्तर के लैब के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। 27 राज्यों में 78 हजार कर्मचारी काम कर रहे हें। अब तक 50 हजार से ज्यादा वॉलियंटियर्स हमारे साथ जुड़े हें। सरकार ने कहा कि हम चाहते हैं कि जीवन रुके नहीं और जीवन बचाने का काम भी हो।
देश में लॉकडाउन की अवधि कल समाप्त हो रही है। कल पीएम मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इसमें वे अगली रणनीति का ऐलान कर सकते हैं। इससे पहले आज गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ शर्तों के साथ ट्रकों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की छूट दी गई है। राशन पहुंचाने वालों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। रेलवे, एयरपोर्ट अधिकारी मजदूरों को पास जारी कर सकेंगे। सभी राज्यों को इस संबंध में चिट्ठी लिख दी गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि #COVID19 के लॉकडाउन और कहर से प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय करें।
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