स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया है की देश में कोरोना के 80 फीसदी मरीज हो रहे हैं ठीक कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द वैक्सीन विक्सित की जा सके। ऐसी किट पर काम किया जा रहा है, तो आधे घंटे में रिजल्ट दे। भारत की स्थिति दूसरे देशों के मुकाबले काफी बेहतर है। दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले भारत में कोरोना संक्रमण फैलने की गति कम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि लॉकडाउन से पहले हर 3 दिन में संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो रही थी, लेकिन अब यह दर 6.2 दिन है। वहीं, भारत में कोरोना के मरीज और मौत का अनुपात 80:20 है, यह रेश्यो कई देशों से बेहतर है। इसके अलावा सरकार ने मई तक 10 लाख रैपिड टेस्ट किट बनाने का लक्ष्य रखा है। स्वदेशी वेंटिलेटर तैयार करने पर भी काम हो रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में औसत डबलिंग रेट कम है। इनमें केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, लद्दाख, पुडुचेरी, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पंजाब, असम और त्रिपुरा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ग्रोथ फैक्टर नए केस के आधार पर कैलकुलेट होते हैं। शुरुआत में 2.4% के हिसाब से कोरोना संक्रमित बढ़ रहे थे, लेकिन 1 अप्रैल के बाद से 1.2% ग्रोथ रेट रह गया। इसमें और सुधार की कोशिशें जारी हैं। 80% मामलों में संक्रमित ठीक हो गए, जबकि 20% में मौत हुई है। अब तक देश में 13.6% मरीज यानी 1हजार 793 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। इनकी संख्या में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है।
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