केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि उसने कुछ राज्य सरकारों को पत्र लिखकर गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ ब्रीफिंग में यह जानकारी दी गई। गृह मंत्रालय की तरफ से ब्रीफिंग में मौजूद अधिकारी पुण्य सलिला श्रीवास्त ने कहा, “हमने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखा है कि कोरोना संकट को देखते हुए वो नियमों को सख्त कर सकती हैं, लेकिन इनमें ढिलाई नहीं बरती जाएगी।” वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि राजस्थान में जयपुर, मध्यप्रदेश में इंदौर, महाराष्ट्र में मुंबई और पुणे, बंगाल में कोलकाता और उत्तर 24 परगना जिले में स्थिति गंभीर है।
केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। इतिहास में यह पहली बार है जब कपाट खुलने की तारीख बदली है। अब केदारनाथ के कपाट 14 मई और बद्रीनाथ के 15 मई को खुलेंगे। उत्तराखंड के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यह घोषणा की है। इससे पहले केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खुलने थे। और बद्रीनाथ के 30 मई। संभव है कि यमनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने की तारीख भी बदल दी जाए, हर बार ये दोनों मंदिर अक्षय तृतिया को खुलते हैं, जो 26 अप्रेल को है।
क्यों नहीं खुलेंगे कपाट
कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन है और केदारनाथ बद्रीनाथ के रावल महाराष्ट्र और केरल में फंसे थे। केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग रविवार सुबह ऊखीमठ पहुंच गए हैं। बद्रीनाथ के रावल भी सोमवार को उत्तराखंड लौटने वाले हैं। लेकिन नियमों के मुताबिक उन्हें 14 दिन क्वारैंटाइन किया जाना है। जिसके चलते तय तारीख पर कपाट नहीं खोले जा सकते हैं।
मंदिर कमेटी के सदस्यों और धर्माधिकारियों की बैठक में कपाट खुलने की विधी वीडियोकॉन्फ्रेंस के जरिए या फिर रावल के अलावा किसी और पुजारी से करने की बात आई थी जिसे अस्वीकार कर दिया गया है। टिहरी महाराज चाहते हैं की चारों मंदिर के कपाट एक साथ ही खुलें, यही वजह है कि यमनोत्री गंगोत्री के खुलने की तारीख भी 15 मई तक के लिए टल सकती है।
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