कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा को लेकर कैबिनेट का फैसला,  डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला अब गैर-जमानती अपराध
(India) देश में कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने केबिनेट की बैठक में अहम् फैसला लिया है। कोरोवायरस से लड़ाई का पहला मोर्चा संभाल रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार करने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कैबिनेट ने बुधवार को 123 साल पुराने महामारी कानून में संशोधनों का अध्यादेश पास कर दिया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि डॉक्टरों और किसी स्वास्थ्यकर्मी पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब अगर किसी पर हमला किया जाता है तो अधिकतम 7 साल की सजा और 5 लाख जुर्माने का प्रावधान कानून में रखा गया है। ऐसा हमला संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा। जावड़ेकर ने यह भी बताया कि महामारी से लड़ने वालों के खिलाफ हिंसा हो रही है और लोग उन्हें बीमारी फैलाने वाला समझ रहे हैं। महामारी कानून 123 साल पहले का है और इसमें हमने बदलाव किया है।
कश्मीर डिवीजन में कोरोना के 27 नए मामले आए सामने
जम्मू-कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने बताया कि कश्मीर डिवीजन में बुधवार को कोरोना के 27 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में अब कुल 407 मामले हो गए हैं। इसमें से जम्मू में 56 और कश्मीर से 351 मामले हैं।

झारखंड में सिगरेट, बीड़ी, पान-मसाला, खैनी व गुटका पर प्रतिबंध
झारखंड सरकार ने राज्य में सिगरेट, बीड़ी, पान-मसाला, हुक्का, खैनी, जर्दा, गुटका और ई-सिगरेट के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए तमाम तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने बुधवार को एक आदेश जारी करते हुए पूरे राज्य में सार्वजानिक जगहों पर सभी तरह के तंबाकू उत्पादों- सिगरेट, बीड़ी, पान-मसाला, हुक्का, खैनी, जर्दा, गुटका और ई-सिगरेट के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही तमाम तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

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