कोरोना योद्धा पर हमले के खिलाफ अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी, 7 साल की होगी सजा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना महामारी से लड़ रहे डॉक्टरों और नर्सों पर हमले को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाने वाले अध्यादेश को बुधवार को अपनी मंजूरी दी। महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन कर अध्यादेश में स्वास्थ्यकर्मियों को पहुंचे जख्म, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मुआवजे की व्यवस्था की गई है। इससे पहले नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर अध्यांदेश लाई थी। इसमें अधिकतम 7 साल तक की सजा हो सकती है। हमले के आरोपियों पर 50 हजार रुपए से लेकर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।वही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार देर रात महामारी अधिनियम, 1897 में किए गए संशोधन के अध्यादेश पर दस्तखत कर दिए इसमें कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों को कड़ी सजा देने का प्रावधान किया गया है। झारखंड के पलामू में 28 साल के एक कोरोना संदिग्ध ने क्वारैंटाइन सेंटर में आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसके स्वाब का सैम्पल ले लिया गया था, जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई राज्यों में मौसम रोजाना करवट ले रहा है। कभी गर्मी तो कभी बारिश तो कभी तेज हवाएं। मौसम के ऐसे ही बदलते मिजाज के बीच भारतीय मौसम विभाग ने एक बार फिर देश के 7 से ज्यादा राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी है।
दरअसल पिछले काफी समय से ये बात सामने आ रही है कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए मौसम का अनुकूल होना या यूं कहें गर्मी बढ़ना जरूरी है, लेकिन पिछले दिनों से मौसम लगातार अपने मिजाज में बदलाव ला रहा है। पहाड़ों पर जहां अब भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, वहीं मैदानी इलाकों में भी धूल भरी आंधी के बीच बारिश की आमद बदस्तूर जारी है।
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