पीएम ने कहा अपने लिए जरूरी चीज कम हो या ज्यादा, खुद की चिंता छोड़कर दूसरे की जरूरत पूरी करता संस्कृति है। जब कसौटी का काल होता है, तब संस्कारों का परीक्षण होता है। संकट की घड़ी में विश्व के लिए दवाओं का संकट है। भारत ने प्रकृति, विकृति से परे होकर अपनी संस्कृति के अनुरूप निर्णय लिया। हम दूसरे देशों को भी दवाएं पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'बहुत ही आदर के साथ 130 देशवासियों की इस भावना को नमन करता हूं। सरकार ने कोविडवॉरियर्स.जीओवी.इन प्लेटफॉर्म भी तैयार किया है। इसमें सरकार ने सभी को एक-दूसरे से जोड़ दिया है। इससे सवा करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। आशा कार्यकर्ता, नर्स सभी जुड़े हैं। ये लोग योजना बनाने में मदद भी कर रहे हैं। हर लड़ाई कुछ न कुछ सिखाकर जाती है। कुछ मार्ग बनाती है, मंजिलों की दिशा भी देती है। भारत में नए बदलाव भी हुए हैं। हर सेक्टर तकनीकी बदलाव की तरफ बढ़ रहा है। देश का हर इनोवेटर नया निर्माण कर रहा है।' प्रधानमंत्री का यह इस साल का चौथा और मन की बात का कुल 64वां संस्करण है। इससे पहले पीएम मोदी ने 29 मार्च को मन की बात की थी।
कोरोना देश में अब तक 26 हजार 475 केस-
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 26 हजार 475 हो गई है। रविवार को राजस्थान में 58, पश्चिम बंगाल में 40 और ओडिशा में 3 नए मामले आए। अब तक संक्रमण 26 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। लेकिन 21 हजार 115 मरीज यानी करीब 80% सिर्फ शीर्ष के 7 राज्यों में हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश शामिल हैं। ये आंकड़े covid19india.org और राज्य सरकारों से मिली जानकारी के अनुसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 26 हजार 496 कोरोना संक्रमित हैं। इनमें से 19 हजार 868 का इलाज चल रहा है, 5803 ठीक हुए हैं और 824 की मौत हुई है।
लॉकडाउन के दूसरे फेज में 10 दिन के अंदर इस बीमारी के मरीजों की संख्या दोगुना से ज्यादा हो गई है। 15 अप्रैल तक यह 12 हजार 370 थी, जो 25 अप्रैल देर रात 26 हजार 378 हो गई। शनिवार को रिकॉर्ड 1835 मामले आए। यह एक दिन में नए मरीजों की सबसे बड़ी संख्या है। इससे पहले 23 अप्रैल को 1667 संक्रमित मिले थे।
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