सूरत में प्रवासी मजदूरों और पुलिस में झड़प, मजदूरों पर पुलिस ने बरसाई लाठिया, आंसू गैस के गोले दागे
(India) गुजरात के सूरत में एक बार फिर प्रवासी मजदूरों ने हंगामा किया। वरेली इलाके में प्रवासी मजदूर सोमवार को घर जाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। मजदूरों ने पथराव किया। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी मजदूरों ने पथराव किया और इसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले भी दागे। खाजोड़ में तैयार की जा रही एशिया की सबसे बड़ी डायमंड बोर्स में 28 अप्रैल को काम कर रहे मजदूरों ने जमकर हंगामा किया था। लॉकडाउन के बावजूद काम लिए जाने से मजदूरों में गुस्सा है। मजदूरों ने बोर्स के कार्यालय पर पथराव और तोड़फोड़ कर दी थी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें खाना नहीं मिल पा रहा है। वे घर भेजे जाने की मांग कर रहे थे। यहां डायमंड बोर्स में करीब 4 हजार मजदूर काम कर रहे हैं।


'छात्रों को मास्क लगाना अनिवार्य'
पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस प्रकोप से जूझ रहा है। लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, लॉकडाउन पार्ट-3 में सरकार ने कुछ रियायतें भी दी है। इसी बीच केरल सरकार ने स्कूली छात्रों को लेकर बड़ा फैसला किया है। सरकार का कहना है कि अगले सेशन में छात्रों को मास्क पहनना अनिवार्य हो सकता है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नए शैक्षिक सत्र में छात्रों को मास्क पहनना अनिवार्य हो सकता है। उन्होंने बताया कि मुंह और नाक को हमेशा अनिवार्य नहीं किया जाएगा। लेकिन, कोरोना वायरस नामक खतरनाक महामारी से बचने के लिए स्कूली बच्चों को अगले शैक्षिक सत्र में मास्क पहनना पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने दूसरे देशों का हवाला देते हुए कहा कि कई देशों में इस समय बच्चों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा यह अच्छी बात है। इससे बच्चों में यह वायरस नहीं फैलेगा। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर केरल में छात्रों को मास्क पहनने के नियम का पालन करना होगा।

Digital Desk: Administrator

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