वित्त मंत्रालय की प्रमुख घोषणाएं—
- मोदी जी ने अपने सबसे पहले भाषण में कहा था - उनकी सरकार वो है, जो ग़रीबों के लिए काम करेगी, ये सरकार ग़रीबों के लिए समर्पित है।
- पिछले छह वर्षों में ग़रीबों के उत्थान के लिए मोदी सरकार ने बहुत काम किया
- पीेएम किसान सम्मान हर किसान के खाते में छह हजार रुपए दिए
- 12 करोड़ लोगों को लघु मध्यम उद्योग रोज़गार देते हैं, कल की घोषणाएँ उनके फ़ायदे के लिए की गई थीं
- आज की घोषणाएँ ग़रीबों के लिए और कुछ किसानों के लिए। किसानों के लिए बाक़ी घोषणाएँ आने वाले दिनों में भी की जाएँगी
- पहली घोषणा - तीन करोड़ किसानों के लिए कृषि ऋण 4 लाख 22 हजार करोड़ का फ़ायदा उठा चुके हैं, ब्याज पर सहायता दी है, त्वरित भुगतान करने पर इन्सेंटिव।
- 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड की मंज़ूरी दी है, जिन पर ऋण की लिमिट 25 हजार करोड़ होगी।
- कृषि के क्षेत्र में मार्च और अप्रैल में ६३ लाख ऋण मंज़ूर किए गए जिससे किसानों को बल मिला।
- नाबार्ड ने सहकारी बैंकों को 6700 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई।
- शहरी गरीब लोगों को मदद पहुँचाने के लिए कोविद की अवधि में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को स्टेट डिज़ास्टर रिस्पोंस फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति दी। 11 हजार करोड़ रुपए राज्य सरकारों को दी गई।
-राज्य सरकार को राज्य आपदा फंड का इस्तेमाल करने की अनुमति दी।
- केंद्र सरकार प्रवासी मज़दूरों की भलाई के लिए गंभीरता से काम कर रही है। पिछले दो महीनों में काफ़ी काम किया गया।
- लॉकडाउन के दौरान ग़रीबों को शेल्टर और भोजन उपलब्ध कराया गया।
- राज्य सरकारों को कृषि उत्पाद की ख़रीद के लिए 6700 करोड़ उपलब्ध कराए गए।
- प्रवासी मजदूर और शहरी ग़रीबों के लिए कोरोना महामारी के दौरान काफ़ी काम किया गया।
- तीन वक्त का भोजन शेल्टर होम में उपलब्ध कराया गया
- 12000 सेल्फ हेल्प ग्रुप ने 3 करोड़ मास्क बनाए।
- 7200 नए सेल्फ हेल्प ग्रुप पिछले दो महीनों में बने
- सेल्फ हेल्प ग्रुप की लिमिट सरकार ने 20 लाख रुपए कर दी थी।
- मज़दूरी को 182 से बढ़ा दिया गया।
- जो प्रवासी मजदूर अपने गृह प्रदेशों में लौटकर गए, उनकी भी मदद की जा रही है।
- श्रम कानून में सुधार पर काम किया जा रहा है, अपने राज्यों में लौटे मजदूरों को काम दिया जाएगा
- न्यूनतम मजदूरी का अधिकार सभी वर्कर्स को देने की तैयारी
- अगले दो महीने तक सभी प्रवासियों को होगी मुफ्त अनाज की सप्लाई
- जिनके पास कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी एक किलो चना, 5 किलो चावल या गेहूं मिलेगा, 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को इसका फायदा होगा
- 3,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे इस पर अगले दो महीने में
- 83 फीसदी राशन कार्ड पोर्टेबलिटी में शामिल किए जा चुके
- अगले साल मार्च तक 100 प्रतिशत हो जाएंगे
- ऐसे कार्ड धारक देश के किसी भी हिस्से में कार्ड के जरिए अनाज ले सकेंगे
- शहरी गरीब प्रवासियों के लिए PM आवास योजना किफायती किराये पर मकान की योजना शुरू करेगी
- वन नेशन-वन राशन कार्ड की योजना पर काम होगा.
- 50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपए के विशेष लोन का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान के लिए सरकार 5 हजार करोड़ खर्च करेगी।
- देश के 2.5 करोड़ नए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा।
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