देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की
(India) कोरोना महामारी के संकट से उबरने के लिए प्रधानमंत्री के बताए 20 लाख करोड़ के पैकेज के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर का मतलब ये नहीं कि हम दुनिया से अलग हो जाएं। कई सेक्टर को पॉलिसी से जुड़ी गतिविधियों की जरूरत है। शनिवार को उन्होंने 8 सेक्टर- कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयर स्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट्स, मेंटेनेंस एंड ओवरहॉल, केंद्र शासित प्रदेशों में पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा पर बात की। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी से निपटने और देश की अर्थव्यवस्था सेहत सुधारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के तहत किए गए उपायों के तीसरे चरण में शनिवार को महत्वपूर्ण घोषणाएं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की थी। इसके बाद वित्त मंत्री ने लगातार चार दिन इसका ब्रेकअप दिया। वित्त मंत्री 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का पांचवां ब्रेकअप कल सुबह 11 बजे बताएंगी।

आइए जानते हैं आर्थिक पैकेज के चौथे चरण की 10 महत्वपूर्ण बातें—

1. 'इंडस्ट्रियल पार्क की रैकिंग'

वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए लैंड बैंक, क्लस्टर की पहचान की गई है। इसके लिए तकनीकि का इस्तेमाल करते हुए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से 5 लाख हेक्टेयर जमीन भविष्य के इस्तेमाल के लिए सभी इंडस्ट्रियल पार्क की रैकिंग होगी।

2. 500 माइनिंग ब्लॉक की नीलामी होगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मिनरल्स में सुधार अन्वेषण से लेकर उत्पादन तक निर्बाध प्रक्रिया, संयुक्त नीलामी होगी। इसके अलावा कैप्टिव और नॉन कैप्टिव माइंस की परिभाषा बदलेगी। एक मिनरल इंडेक्स बनेगा। 500 माइनिंग ब्लॉक की नीलामी होगी।

3. कोल सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान
व्यावसायिक माइनिंग कोयला क्षेत्र में शुरु की जाएगी। सरकार के एकाधिकार को खत्म किया जा रहा है। इससे इस क्षेत्र में ज्यादा काम होगा और ज्यादा लोगों को रोज़गार मिलेगा। भारत में कोयला क्षेत्रों की नीलामी की जाएगी। 50 हजार करोड़ रुपए सरकार इसके बुनियादी ढाँचे के विकास पर खर्च करेगी।

4. 500 खनन क्षेत्र उपलब्ध कराए जाएँगे

खनिजों के खनन के लिए 500 खनन क्षेत्र उपलब्ध कराए जाएँगे। अब ज्वाइंट नीलामी की जाएगी। खनिज क्षेत्र को सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। जिन खनन क्षेत्रों का इस्तेमाल नहीं हो रहा उनकी माइनिंग लीज़ ट्रांसफ़र करने की अनुमति दी जाएगी। खनिज क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विकास किया जाएगा, क्योंकि देश के पास विशाल खनिज संपदा है।

5. रक्षा के क्षेत्र में मेक इन इंडिया रक्षा

हमारी सेनाओं को अत्याधुनिक हथियार और उपकरण की ज़रूरत रहती है। हम ऐसे हथियारों और उपकरणों को चिह्नित करेंगे, जिन्हें देश में ही बनाया जा सकता है। उनके आयात पर बैन लगा दिया जाएगा। रक्षा के क्षेत्र में मेक इन इंडिया रक्षा के क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जाएगा। ऑर्डिनेंस फ़ैक्ट्री बोर्ड का कोर्पोराइटाइजेशन होगा।

6. एविएशन क्षेत्र
सिविल एविएशन में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। 6 और एयरपोर्रट की नीलामी की जाएगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को 2300 करोड़ रुपए मिलेंगे भारत को एमआरओ हब बनाया जाएगा। भारतीय हवाई जहाज़ रिपेयर के काम के लिए विदेश भेजे जाते हैं, यह काम देश में ही किया जाएगा। सभी एयरलाइन्स का रिपेयर बिल कम होगा। सिविल एविएशन - भारत का केवल 60 प्रतिशत क्षेत्र हवाई जहाज़ों को उपलब्ध है। विमानन क्षेत्र को 100 करोड़ का फ़ायदा होगा।

7. बिजली कंपनियों को होगा निजीकरण

बिजली वितरण कंपनियों के लिए वित्त मंत्री सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का निजी करण होगा। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम किया जाएगा।

8. स्पेस और एटोमिक एनर्जी
सेटेलाइट लॉन्च के लिए निजी क्षेत्र को इसरो के इन्फ्रास्ट्रकचर का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी। जिओ स्पेशल डाटा भारतीयों के लिए - बहुत सी कंपनियाँ इस डेटा को विदेशों से ख़रीदती हैं और देश में काम करती हैं। इसे सुधारा जाएगा। स्पेस क्षेत्र में भारतीय निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुनिश्चित किया जाएगा। अंतरिक्ष के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को मिलेंगे बड़े मौक़े। तकनीकी कंपनियाँ और स्टार्ट अप्स को विदेशों से डेटा नहीं ख़रीदने पड़ेंगे।

9- एटोमिक एनर्जी
मेडिकल आइसोटॉप्स के क्षेत्र में निजी कंपनियों को पीपीपी मोड़ में मौक़े दिए जाएंगे। एटोमिक एनर्जी पर सरकार का एकाधिकार है। फ़ूड प्रिजरवेशन के क्षेत्र में रेडिएशन तकनीक को पीपीपी मोड में अनुमति दी जाएगी। एटोमिक एनर्जी से संबंधित रिफोर्म्स — कैंसर और कोरोना के वक्त भारत ने दुनिया भर में दवाएँ भेजी। मेडिकल आइसोटॉप्स के क्षेत्र में पीपीपी मोड में रिसर्च रिएक्टर की स्थापना की जाएगी। दुनिया भर में भारत के युवाओं ने स्टार्ट अप्स के ज़रिए नाम रोशन किया।



10. प्रधानमंत्री का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत मजबूत

रिफॉर्म करने के मामले में प्रधानमंत्री का ट्रैक रिकॉर्ड बहुत मजबूत है। प्रधानमंत्री ने देश में बिज़नेस करने, बिजली, कोयले और सिंचाई के क्षेत्र में और करों का सुधारीकरण किया है।

Digital Desk: Administrator

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