जरूरतमंदों के लिए 3 महीने के अनाज की व्यवस्था की-
-आज आखिरी किश्त का ऐलान कर रहे हैं। एक राष्ट्र के तौर पर हम बहुत अहम पड़ाव पर हैं। आपदा के समय भारत के लिए ये एक मौका है। हमें आत्मनिर्भर भारत बनाने की जरूरत है। आत्मनिर्भर भारत के मकसद से लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ इन सभी पर राहत पैकेज में ध्यान दिया गया है।
-लॉकडाउन घोषित होते ही हम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज लाए। हमने जरूरतमंदों को अगले तीन महीने के अनाज की व्यवस्था की।
-चुनौतियों के बावजूद एफसीआई, नैफेड और राज्य सरकारों ने प्रवासी मजदूरों को खाने की व्यवस्था की। जो प्रवासी घर नहीं जा सकते थे उनके लिए व्यवस्थाएं कीं। 8.19 करोड़ किसानों के खाते में 2000 रुपए की किश्त पहुंचाई।
अगर सीधे गांव पहुंचे प्रवासी मजदूर तो इन नंबरों पर दें सूचना, नहीं तो हॉटस्पॉट बन सकता है आपका गांव-
14 प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने जहां प्रवासी मजदूरों के गांव हॉटस्पॉट घोषित कर सील कर दिया है। वहीं ऐसे मजदूरों की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं, जो बिना किसी सूचना अपने संसाधन से सीधे गांव पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों की शिकायत गांव का कोई भी व्यक्ति जारी किए गए टोल फ्री नंबर पर कर सकता है।
इसके लिए कोविड-19 कंट्रोल रूम के नंबरों 9044399100, 8009022200, 05872-278100, 05872-259985, 05872-252160 पर अनिवार्य रूप से सूचना दी जा सकती है। ऐसा करना इसलिए बेहद जरूरी है, ताकि इनसे कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित न हो। गांव के हर एक व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसे आने वाले मजदूरों की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबरों पर दें, ताकि वह खुद व उसका परिवार और उसका गांव कोरोना से सुरक्षित रह सकें।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।