जम्मू-कश्मीर में सेना से मुठभेड़ में हिजबुल के दो आतंकी ढेर, हुर्रियत प्रमुख के बेटा जुनैद सहराई की मौत
(India) देशभर में चल रहे कोरोना संकट के बीच आतंकियों ने एक बार फिर घाटी को दहलाने की कोशिश की। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने मंगलवार को हिजबुल के दो आतंकवादियों को मार गिराया। सूचना मिली थी कि ये आतंकी श्रीनगर के पुराने शहर के इलाके में छुपे हुए थे और मध्य रात्रि से ही उनके साथ मुठभेड़ चल रही थी। पुलिस ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि सीआरपीएफ और पुलिस ने श्रीनगर शहर में चल रही मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया है। दोनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन के हैं। उनसे दो हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं।
यहां डाउनटाउन इलाके में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है। सोमवार रात 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ था। घनी आबादी वाले नवाकदल में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी छिपे थे, जिनमें से एक अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा जुनैद भी था। जानकारी के मुताबिक, 29 साल का जुनैद अपने साथी तारिक अहमद शेख के साथ बीती रात यहां फंस गया था। पुलिस को टेक्निकल इंटेलिजेंस के जरिए उसकी मौजूदगी को लेकर पुख्ता जानकारी मिली थी। रात 2 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया था। एक घंटे बाद छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। ग्रेनेड ब्लास्ट में दो पुलिसवाले और एक सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों ने उस घर में ब्लास्ट कर दिया जहां जुनैद छिपा था। मार्च 2018 में आतंकी जुनैद के पिता मोहम्मद अशरफ ने हुर्रियत प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी की जगह ली थी। इसी के बाद जुनैद हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ था। 2018 में ही वह जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर में अपने घर बागात इलाके से गायब हो गया था। इसके बाद उसकी बंदूक पकड़े तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आई थीं।

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