1 जून से देश में चलेंगी 200 नॉन एसी ट्रेनें, अगले 10 दिन में 2600 श्रमिक ट्रेनों में 36 लाख यात्री सफर करेंगे
(India) लॉकडाउन के चौथे चरण में 1 जून से देशभर में 200 नॉन एसी ट्रेन चलने वाली हैं। रेलवे ने ये नियम रखा है कि बिना कंफर्म टिकट के यात्री ट्रेन में सफर नहीं कर सकेंगे। अक्सर ट्रेन में सफर के दौरान कई मौकों पर ऐसा होता है कि यात्री अपना टिकट कहीं ना कहीं भूल जाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि बिना टिकट के यात्री ट्रेन में सफर कैसे कर पाएंगे? इस तरह की परेशानी उस वक्त गंभीर बन जाती है, जब यात्री ट्रेन में सवार हो जाएं और बाद में पता चले कि उनके पास टिकट तो है नहीं। ऐसे में लोग घबरा जाते हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि वे क्या करें और क्या नहीं। ऐसे में आपके पास विकल्प ये है कि आप टिकट चेकर को 50 रुपये की पेनाल्टी देकर अपना टिकट हासिल कर सकते हैं। टीटीई आपको टिकट के बदले डुप्लीकेट टिकट जारी कर देगा। रेलवे ने शनिवार को ट्रेनों की आवाजाही को लेकर स्थिति स्पष्ट की। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि एक मई से शुरू की गईं श्रमिक ट्रेनों से अब तक 45 लाख प्रवासी मजदूर सफर कर चुके हैं। इनमें 80% मजदूर यूपी-बिहार के थे। उन्होंने बताया कि ट्रेन परिवहवन की स्थितियां सामान्य करने के लिए रेलवे अगले 10 दिन में 2600 ट्रेनें शुरू की जाएंगी और इनमें 36 लाख लोग सफर करेंगे। रेलवे के अधिकारियों ने 45 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल ट्रांसपोर्टेशन का खाका स्पष्ट किया।

स्लीपर और सेकेंड क्लास के लिए है ये सुविधा
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, कंफर्म्ड या आरएसी टिकट की डुप्लीकेट टिकट के लिए ही यह सुविधा मिलती है। 50 रुपये की यह फीस स्लीपर और सेकेंड क्लास के लिए है जबकि अन्य क्लास में आपको 100 रुपये खर्च करने होंगे।

टिकट फट जाने का भी रेलवे के पास है समाधान
इसके अलावा अगर सफर से ठीक पहले आपका टिकट फट जाता है तो नियमों के मुताबिक टिकट के कुल किराए की 25 फीसदी रकम वसुलकर आपको डुप्लीकेट टिकट जारी कर दिया जाता है। ये सुविधा कन्फर्म और आरएसी टिकटों पर रिजर्वेशन चार्ट के तैयार होने के बाद मिलती है।

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