2 महीने बाद शुरू हुई घरेलू उड़ानें, Airport पर लग रही होम क्वारंटाइन की मुहर
(India) लॉकडाउन चार और कोरोना वायरस के दौर में हवाई यात्रा पहले जैसा नहीं रहा। दो महीने बाद सोमवार से घरेलू हवाई सफर शुरू हो गई, लेकिन फ्लाइट से एयरपोर्ट पर उतरने कि बाद और बाहर होने से पहले यात्रियों के हाथ पर होम क्वारनटाइन की मुहर लगाई जा रही हैं। ऐसा आज से पहले कभी देखने को नहीं मिला। लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संकट की वजह से ऐसा आज से हो रहा है। दरअसल, यात्रियों के हाथ पर लगाई जा रही नीले रंग की यह मुहर इस बात के सबूत हैं कि किसको कितने दिन होम क्वारंटाइन में रहना है। आज से यात्रियों के हाथ पर यह स्टैंप फ्लाइट से उतरने के बाद एयरपोर्ट परिसर के अंदर ही लगाई जा रही हैं। हर राज्य ने आ रहे यात्रियों के लिए अलग नियम बनाए हैं। कहीं 7, कहीं 10 और कहीं 14 दिन होम क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। दिल्ली आने वाले लोगों में अगर लक्षण नहीं मिलते हैं तो उन्हें क्वारंटीन नहीं किया जाएगा, लेकिन सेल्फ असेसमेंट करना जरूरी होगा। कुछ राज्यों ने उड़ान के बाद पहुंचने पर होम क्वारंटीन का नियम बनाया है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक ने 14 दिन होम क्वारनटाइन अनिवार्य रखा है। साथ ही हाथ पर होम क्वारनटाइन का स्टांप भी इन हवाईअड्डों पर लगाए जा रहे हैं।

भोपाल, इंदौर, जयपुर, रायपुर. लॉकडाउन में 62 दिन बाद सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू हो गईं। एयरपोर्ट पर यात्रियों के माथे पर उत्साह और घबराहट की लकीरें साफ दिख रही थीं। किसी के चेहरे के भाव नहीं दिखे, क्योंकि सभी यात्रियों के चेहरे ढंके हुए थे। ज्यादातर पीपीई किट भी पहने हुए थे, इससे यह पहचान में नहीं आ रहा था कि कौन यात्री है और कौन एयरपोर्ट स्टाफ या क्रू मेंबर है।
सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से यात्री उड़ानें शुरू कर दी गई हैं। दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु के लिए यहां से फ्लाइट रवाना हुई और इन्हीं शहरों से फ्लाइट यहां पहुंची भी। वहीं, कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट को अम्फान तूफान के असर के चलते रद्द कर दिया गया है। लोगों को फ्लाइट में फेस शील्ड दी गई। कोई भी फ्लाइट फुल होकर नहीं पहुंची। 6 फ्लाइट में 80 फीसदी ही सीटें भरीं। रायपुर के ट्रेवल एजेंट शुभम अग्रवाल ने बताया कि किराए में इजाफा हुआ, लोगों को 30 से 40% बढ़े हुए दामों पर टिकट मिली, जो रायपुर से दिल्ली के बीच बुकिंग आम दिनों में 4 हजार रुपए तक होती थी। कई लोगों ने इस सफर के लिए 10 हजार रु. से ज्यादा का भुगतान किया। रायपुर एयरपोर्ट पर कुछ यात्री पीपीई किट पहनकर आए थे।

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