World Environment Day 2020 : पर्यावरण पर दिखा लॉकडाउन का असर, प्रदूषण का स्तर घटा, गर्मी में भी हरियाली के दीदार
(India) कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बनकर आया है। लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन कुदरत ने लिए वरदान साबित हुआ। दो महीने से अधिक समय तक लगे लॉकडाउन के दौरान तमाम समस्याएं सामने आई हैं, उस दौरान पर्यावरण सुधार के सुखद संदेश भी आए हैं। पहले जहां प्रदूषण बोर्ड की रिपोर्ट में पर्यावरण बिगडऩे के मामले में बुरहानपुर टॉप फाइव में रहता था, अब बुरहानपुर में हरियाली और जल समस्या नहीं दिखी। हालांकि ताजा रिपोर्ट के आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन मौजूदा हालात पर्यावरण सुधार के दिखे हैं। लॉकडाउन ने हमें पर्यावरण सुधार की राह दिखाई है और हमें उससे सीखकर आगे के लिए पर्यावरण सुधार की कार्य योजना बनानी होगी। दो माह तक लगातार जहां बुरहानपुर में न फैक्ट्रियों का धुआं निकला न वाहनों की गाड़ी से निकलने वाला धुआं हवा में घुला। पानी की उपयोगगिता भी घटी है। इससे साफ नजर आया कि इस साल गर्मी में ताप्ती नदी और झील भी नहीं सूखी। यहां तक पेड़-पौधों पर भी हरियाली नजर आई।

68 दिन लॉकडाउन में गुजारे तो पता चला जिंदगी की कीमत क्या होती है। ये भी समझ आया कि वो हम ही हैं जो खुद को साफ-पाक बताकर बाकी सबको गंदा करने का जुर्म कर रहे हैं। अलसाई सुबह की चाय से लेकर देर रात के खाने तक हमने यू हीं बातों-बातों में एक बार तो इस तोहमत को कुबूल करके आंखें भी झुका ली।

बहरहाल, चार खंडों में - 68 दिन का कोराना- उपवास खत्म हुआ। अब फिर वही हाल और हालात बन रहे हैं, फिर वही धूल, धुआं, गंदगी और जहर फैलना तय है। कुदरत ने तो इन दिनों में दिखा दिया कि, हम इंसानों के बिना भी वो बहुत खुश है।

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