1975 के बाद पहली बार भारत-चीन के बीच बड़ा खूनी संघर्ष,  अब तक 20 शहीद,  बॉर्डर पर अलर्ट
(India) भारत- चीन बॉर्डर पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशो के बीच बातचीत के बाद भी चीन ने भारतीय जवानों पर हमला किया। सोमवार रात लद्दाख में बातचीत करने गए भारतीय जवानों पर चीन की सेना ने हमला कर दिया। यह हमला पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से किया गया। इसमें भारत के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 सैनिक शहीद हो गए। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, हमले में घायल 4 जवानों की हालत गंभीर है। लद्दाख में गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल ( LAC ) पर हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं, चीन के 32 जवान हताहत हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के उस पार हेलिकॉप्टरों का आना-जाना तेज हुआ है। हेलिकॉप्टर घायल और मृत सैनिकों को ले जाने के काम में जुटे हैं।
तीन घंटे चली यह झड़प दुनिया की दो एटमी ताकतों के बीच लद्दाख में 14 हजार फीट ऊंची गालवन वैली में हुई। उसी गालवन वैली में, जहां 1962 की जंग में 33 भारतीयों की जान गई थी। भारत ने चीन की तरफ हुई बातचीत इंटरसेप्ट की है। इसके मुताबिक, चीन के 43 सैनिक हताहत होने की खबर है, लेकिन चीन ने यह कबूला नहीं है।
बढ़ते तनाव और सैनिकों की मौत के बाद बॉर्डरपर अलर्ट कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र ( UN ) के बाद अमेरिका ने भी शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत और चीन के बीच जारी विवाद को लेकर चर्चा की। बता दें कि 1975 के बाद पहली बार भारत-चीन के बीच बड़ा खूनी संघर्ष हुआ है।

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