राष्ट्र के नाम पीएम मोदी का छठा संबोधन, गरीब कल्याण अन्न योजना का होगा विस्तार, 80 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
(India) धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन में अनलॉक-1 के बाद से देश में लापरवाही पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि जब से लॉकडाउन में ढील मिला तब से व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बढ़ती जा रही है। जबकि और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते-लड़ते अब हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं। हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं, जब सर्दी, जुखाम, बुखार जैसी बीमारी होती है। मेरी सभी देशवासियों से प्रार्थना है कि अपना ध्यान रखिए।
PM ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।

उन्होंने कहा कि देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया। बीते 3 महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए। 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं।

गरीब कल्याण अन्न योजना जारी रखने के मायने

नवंबर तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और प्रत्येक परिवार को एक किलो चना मुफ्त मिलेगा।
80 करोड़ परिवारों को इस योजना का फायदा अगले 5 महीने तक मिलता रहेगा।
90 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे इस योजना को आगे जारी रखने में।
लॉकडाउन के वक्त इस योजना की शुरुआत की गई थी, 3 महीने में 60 हजार करोड़ खर्च हुए।
अब तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और हर परिवार को एक किलो दाल मुफ्त दी गई।
अब तक अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना और यूरोपियन यूनियन की आबादी से दोगुने से ज्यादा लोगों को मुफ्त अनाज दिया गया।

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