(India)
भारत बायोटेक और जाइडस दोनों को ही क्लीनिकल ट्रायल के फेज-1 और 2 की मंजूरी मिली थी। दोनों ने ही 15 जुलाई को वॉलंटियर्स को अपनी-अपनी वैक्सीन कैंडिडेट की पहली डोज दी थी। संभावित वैक्सीन को कैंडिडेट कहा जाता है। जो वैक्सीन कैंडिडेट सभी तरह के ट्रायल को पास कर जाएगी और जब सभी औपचारिकताओं के बाद उसे फाइनल मंजूरी मिल जाएगी, तब जाकर वह वैक्सीन कहलाएगी। देश में लेटेस्ट सब्जेक्ट (जिसे टेस्ट के लिए वैक्सीन दिया जाता है) दिल्ली का एक 30 साल का युवा है जिसे AIIMS में शुक्रवार को भारत बायोटेक के कोवाक्सीन वैक्सीन का इंजेक्शन दिया गया। यह युवक दिल्ली का पहला ऐसा शख्स से जिसे ट्रायल के लिए 0.5 मिलीलीटर वैक्सीन की सुई लगाई गई है। दिल्ली एम्स में वैक्सीन ट्रायल प्रॉजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉक्टर संजय राय ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हमने उनकी (30 साल के सब्जेक्ट) 2 घंटे तक निगरानी की। तत्काल कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा।' उन्होंने बताया कि वॉलंटियर को अब घर भेज दिया गया है। दो दिन बाद फिर उनकी सेहत देखी जाएगी और जरूरी मेडिकल चेकअप किया जाएगा।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।