27 अगस्त को न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायालय ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने के लिए कहा था कि बीते तीन वर्षों में विजय माल्या की पुनर्विचार याचिका को संबंधित कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं किया गया। उसे रजिस्ट्री को बीते तीन साल में याचिका से संबंधित फाइल को देखने वाले अधिकारियों के नामों सहित सभी जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा था।
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