बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में बड़ा  फैसला आज
(India) 28 साल बाद आज बाबरी मस्जिद विध्वंस केस (Babri Demolition Case) में बड़ा फैसला आना वाला है। 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिरने के बाद फैजाबाद में दो FIR दर्ज कराई गई थी। FIR नंबर 198 लाखों कार सेवकों के खिलाफ थी जबकि FIR नंबर 198 संघ परिवार के कार्यकर्ताओं समेत आडवाणी, जोशी, तत्कालीन शिवसेना नेता बाल ठाकरे, उमा भारती आदि के खिलाफ थी। लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, रामचंद्र खत्री और सुधीर कक्कड़ सीबीआई कोर्ट में उपस्थित नहीं रहेंगे। पांचों आरोपियों की तरफ से उनके वकील कोर्ट में प्रार्थनापत्र दे सकते हैं।
लालकृष्ण आडवाणी की उम्र 92 साल है। उम्र अधिक होने के कारण वह ठीक से चलने-फिरने में असमर्थ हैं। उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। ऐसे में वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सकते हैं। उनके वकील कोर्ट में प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। वहीं उमा भारती को बीते सोमवार को कोरोना वायरस पॉजिटिव मिला था। उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया गया है। उमा भारती के अस्पताल में होने के चलते वह कोर्ट में नहीं आ सकती हैं। उनकी भी गैर मौजूदगी रहेगी।

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