पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें सरकार पर विश्वास नहीं है. डीएम मुआवजे की दुहाई दे रहे थे. हमें यह मुआवजा नहीं चाहिए. मुआवजे से मेरी बेटी वापस नहीं आएगी. उन्होंने बताया कि डीएम से बच्ची का शव दिखाने के लिए जब कहा, तो उन्होंने कहा कि उसका पोस्टमार्टम हुआ है, आप चेहरा नहीं देख पाएंगी.पीड़िता की मां से अंतिम संस्कार से पहले बेटी के शव को घर लाने की अपील की थी, जिसे प्रशासन ने ठुकरा दिया. पीड़िता की मां अपनी बेटी को आखिरी विदाई देते हुए हल्दी लगाना चाहती थी. पीड़ित के भाई ने कहा कि मेरी बहन के साथ गैंगरेप हुआ है. पिता के तबीयत अभी भी खराब हैं. प्रशासन वाले किसी से बात नहीं करने दे रहे हैं. पीड़िता के बहन ने कहा, उन्हें नहीं लगता कि इंसाफ मिलेगा. उन्हें यूपी पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है. पुलिस ने परिवार वालों के साथ मारपीट भी की थी.
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