हाथरस गैंगरेप मामला : मायावती ने साधा यूपी सरकार पर निशाना, कहा- डीएम पर कार्रवाई क्यों नहीं?
(India) उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप का मामले में सियासत जारी है। विपक्षी पार्टिया यूपी सरकार को घेरने में लगी है। वहीं पीड़ित का गांव बूलगढ़ी सियासी पार्टियों के लिए अखाड़ा बन चुका है। रविवार को समाजवादी पार्टी का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बूलगढ़ी गांव जाएगा। परिवार को सांत्वना देने के साथ कुछ आर्थिक मदद भी दी जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल मौके पर जांच कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिपोर्ट करेगा। वहीं, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। ऐसे में आज भी हंगामे के आसार हैं।
वही योगी सरकार की तरफ से गठित एसआईटी पीड़ित परिवार का बयान दर्ज करने के लिए बूलगढ़ी पहुंच चुकी है। टीम के साथ एक एंबुलेंस है। टीम की अगुआई कर रहे गृह सचिव भगवान स्वरूप 7 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। अभी तक पीड़ित की मां, भाई के बयान दर्ज हो चुके हैं। शनिवार रात करीब 10 बजे एसआईटी परिवार के बीच जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन पिता की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके थे। टीम आज पिता और अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज करेगी।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई गैंगरेप की घटना के बाद योगी सरकार के खिलाफ असंतोष थमने के बजाए गहराता जा रहा है। इस मामले में सियासी पार्टियों की सक्रियता से योगी सरकार चारों तरफ से घिर चुकी है। इस बीच शिवसेना ने एक बार फिर योगी राज पर हमला बोला है। शिवसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि करीब 2 माह पूर्व अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था। इसके बावजूद यूपी में जंगल राज कायम है।

हाथरस केस को लेकर शिवसेना ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक चिट्ठी भी लिखी है। शिवसेना ने अपने पत्र के माध्यम से पीड़िता के परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

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