(India)
पीड़िता की मौत हो जाने के बाद के घटनाक्रमों से प्रदेश सरकार सवालों के घेरे में आ गई थी। जल्दबाजी में देर रात ढाई बजे पीड़िता के अंतिम संस्कार और फिर मीडिया तथा विपक्ष की एंट्री बंद करने से मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। मैजिस्ट्रेट के समक्ष दिए पीड़िता के बयान के बावजूद यूपी पुलिस का यह कहना कि रेप नहीं हुआ है। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। एडीजी ने बताया कि पीड़िता के परिवार पर गलत बयान देने का दबाव था और उन्हें 50 लाख रुपये देने का वादा भी किया गया था। इसके साथ ही पीड़िता के भाई से यह कहा गया था कि वह अपने पिता को मीडिया में बयान देने के लिए मनाए। साथ ही कहे कि वह सरकार की कार्रवाई से खुश नहीं हैं। उन्होंने बताया, 'हमने एक वायरल ऑडियो के जरिए माहौल खराब करने वालों पर भी केस दर्ज किया है। ये लोग एक ऑडियो वायरल कर रहे थे, जिसमें हाथरस पीड़िता के परिवार पर गलत बयान देने और उसके एवज में 50 लाख रुपये दिए जाने की बात की जा रही थी।'
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