नीतीश सरकार में 12वीं पास नेता संभालेंगे वित्त और वाणिज्य मंत्रालय, भर्ती घोटाला के आरोपी को शिक्षा मंत्रालय
(India) बिहार में नीतीश कुमार (Nitish kumar) के नेतृत्व वाली सरकार की मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मंत्रिमंडल के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपने पास गृह, सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग के अलावा वे सभी विभाग रखे हैं जो किसी को आवंटित नहीं किये गए हैं। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को वित्त, वाणिज्य कर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा आपदा प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी तथा नगर विकास की जिम्मेवारी दी गई है। पिछली सरकार में वित्त विभाग सुशील कुमार मोदी के पास था जिन्हें इस बार नीतीश सरकार में स्थान नहीं मिला है। राज्यपाल सचिवालय के बयान के अनुसार, राज्यपाल फागू चौहान ने भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सलाह से विभागों का कार्य आवंटित कर दिया।
डेप्युटी सीएम तारकिशोर को 6 विभागों की जिम्मेदारी दे दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि तारकिशोर प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं और उन्हें वित्त, वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं जलवायु, सूचना प्रावैधिकी, आपदा प्रबंधन, नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे अहम मंत्रालय दिए गए हैं। तारकिशोर प्रसाद को इतने अहम मंत्रालय दिए जाने को लेकर इसलिए भी चर्चा हो रही है क्योंकि उन्होंने महज 12वीं तक की पढ़ाई की है। पूरे विधानसभा चुनाव में एनडीए खेमे के नेता महागठबंधन के सीएम प्रत्याशी तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते रहे।

मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार जेडीयू विधायक बने थे जबकि, इससे पहले तक वह शिक्षक के तौर पर सेवा दे रहे थे। उनके कुलपति रहते सबौर कृषि विश्वविद्यालय में साल 2012 में सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की बहाली हुई थी बताया जाता है कि उस नियुक्ति में धांधली की गई थी। सबौर कृषि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापकों व अन्य पदों की नियुक्ति में तत्कालीन कुलपति मेवालाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने बिहार के 18 और दूसरे राज्यों के 87 को नौकरी दी थी।

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