किसान कर्मबीर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि भारतीय किसान युनियन जिन्दाबाद। प्यारे किसान भाइयों मोदी सरकार तारीख पर तारीख देता जा रहा हैं। इसका कोई अंदाजा नहीं कि ये काले कानून कब रद्द होंगे। जब तक ये काले कानून रद्द नहीं होंगे, तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे।
बता दें कि कर्मबीर हरियाणा के जींद जिले के सिंघवाल गांव का निवासी है। बीती रात ही वह अपने गांव से टिकरी बॉर्डर पहुंचा था। कर्मबीर की तीन बेटियां हैं और एक बेटी की शादी हो चुकी है।
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