नागराज नायडु ने कहा, ‘’चाहे वह 1993 का मुंबई बम हमले हो या 26/11 की क्रुर गोलीबारी या पुलवामा-पठानकोट की घटना, दुनिया इस बात की गवाह है कि भारत इस तरह के हमलों का लगातार शिकार रहा है. भारत दशकों से लगातार पड़ोसी देश की ओर से चलाए जा रहे राज्य प्रायोजित आतंकी हमले और सीमा पार से छद्म युद्ध को झेल रहा ह.’’
उन्होंने आगे कहा, ‘’ऐसे आतंकी संगठनों को पड़ोसी देश कई तरह के अत्याधुनिक हथियार और सुविधाएं मुहैया करा रहा है. इन्हें अपने संगठनों में आतंकियों की भर्ती करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और पैसे भी दिए जा रहे हैं. साथ ही प्रशिक्षण और खुफिया सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.’’
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