(India)
साइलेंट किलर के नाम से मशहूर INS करंज पनडुब्बी आज नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल हो गई. ये पनडुब्बी बिना किसी आवाज के दु्श्मन को उसके इलाके में घुसकर तबाह कर देती है. नौसेना की मुंबई स्थित पश्चिमी कमान के मुख्यालय में सैन्य परंपरा के तहत करंज को जंगी बेड़े में शामिल किया गया. फ्रांस की मदद से आईएनएस करंज को मझगांव डॉकयार्ड (एमडीएल) ने तैयार किया है. इससे पहले स्कॉर्पिन क्लास की कलवरी और खंडेरी भी जंगी बेड़े में शामिल हो गई हैं. जबकि बाकी चौथी पनडुब्बी के समुद्री-ट्रायल चल रहे हैं. पांचवी पनडुब्बी वागिर को भी समंदर में लॉन्च कर दिया गया है. जैसे जैसे भारतीय सीमाओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है, वैसे वैसे अब इस सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य, अखंड बनाने की तैयारी भी की जा रही है. करंज पनडुब्बी45-50 दिन तक पानी में रह सकती है. स्टील्थ टेक्नोलॉजी से यह रडार की पकड़ में नहीं आता. किसी भी मौसम में कार्य करने में सक्षम है. आईएनएस करंज के भीतर 360 बैटरी सेल्स है. प्रत्येक बैटरी सेल्स का वजन 750 किलो के करीब है. इसके भीतर दो 1250 केडब्ल्यू डीजल इंजन है. आईएनएस करंज 45-50 दिनों के सफर पर जा सकता है. इन्ही बैटरियों के दम पर आईएनएस करंज 6500 नॉटिकल माइल्स यानी करीब 12000 किमी का रास्ता तय कर सकता है. साथ ही माइंस भी ये सबमरीन बिछा सकती है.
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