वहीं डब्ल्यूएचओ का एक ईयूएल भारत बायोटेक को अपनी वैक्सीन को निर्यात करने की अनुमति देगा और भारतीय नागरिकों के लिए कोवैक्सिन के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाएगा, क्योंकि अभी तक विदेशी सरकारों ने कोवैक्सीन लगवा चुके लोगों को विदेश जाने की अनुमति नहीं दी है. भारत बायोटेक ने इस महीने की शुरूआत में कहा था कि वो जुलाई में परीक्षण के परिणाम पेश करेगी और पूर्ण लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी. साथ ही कंपनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि तीसरे चरण का डेटा सबसे पहले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को प्रस्तुत किया जाएगा.
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