उधर सरोजनी नायडू अस्पताल में नरेंद्र गिरि के पोस्टमार्टम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तो इधर बाघंबरी गद्दी मठ के चारों ओर का इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहीं, मठ के आसपास भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है।
महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को फिलहाल पुलिस आत्महत्या मानकर चल रही है। घटनास्थल पर मिले सुइसाइड नोट में जिन बातों का जिक्र है उनके साथ अगर इतिहास में गुजरी घटनाओं को कड़ी दर कड़ी जोड़ा जाए तो इसमें तीन ही बातें खुलकर सामने आती हैं। मठ बाघंबरी गद्दी के उत्तराधिकार का विवाद, मठ की संपत्तियां और शिष्यों से विवाद।
पुलिस एक 'सूइसाइड नोट' मिलने की बात कह रही है। यह नोट सात-आठ पन्नों का बताया जा रहा है। किसी वसीयतनामे की तरह लिखे गए 'सूइसाइड नोट' में कुछ शिष्यों के नाम हैं। गिरी ने कथित रूप से लिखा है कि कुछ लोगों ने उन्हें झूठे आरोप लगाकर अपमानित किया।
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