(India)
लखीमपुर बवाल मामले में राजनैतिक घटनाक्रम बदल रहे हैं।विपक्षी पार्टियां यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।मामले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बयान सामने आया है।दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों को रोका गया, किसान नेताओं को रोका गया। एक तरह से किसानों की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन देश का विपक्ष किसानों और उनके आंदोलन के साथ है। देश का किसान बीजेपी को सबक जरूर सिखाएगा। केंद्र हो या राज्य लखीमपुर खीरी की घटना की जिम्मेदारी बीजेपी की है। अपने हक के लिए किसानों को आंदोलन करने का पूरा अधिकार है। उनका कहना है कि वे किसानों के साथ हैं और मामले में रिटायर्ड जज नहीं मौजूदा जज से जांच कराई जानी चाहिए।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के सर्वेसर्वा और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने लखीमपुर खीरी मामले में मोदी सरकार पर तंज कसा है। पवार ने कहा कि बीजेपी की तरफ से सत्ता का दुरुपयोग शुरू है। किसानों की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इसमें केंद्र को सफलता नहीं मिलेगी।
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