सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बैन पटाखों का निर्माण और इस्तेमाल किसी भी हाल में न होने दिया जाए। उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बारे में निर्देश दिया है। कहा है कि बैन पटाखों से संबंधित आदेश पर सख्ती से पालन हो। अगर कोई राज्य इसमें चूक करता है तो उस राज्य के चीफ सेक्रेटरी और होम सेक्रेटरी जिम्मेदार होंगे। बुजुर्गों और बच्चों के जीवन के साथ खेलने का किसी को अधिकार नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट ने कई आदेश पारित किए और कहा कि लोकहित में पटाखे का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। कोर्ट ने कहा कि लोगों खासकर बुजुर्ग और बच्चों के स्वास्थ्य पर पटाखे पर विपरीत असर हो रहा है। राज्य और राज्यों की एंजेंसी की ड्यूटी है कि वे कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन कराए।
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