दिल्ली में कंस्ट्रक्शन-डिमोलिशन काम अगले आदेश तक बंद,निर्माण श्रमिकों को 5 -5 हजार रुपये देगी सरकार,सुप्रीम कोर्ट ने कहा बनाएंगे टास्क फोर्स
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दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण केजवरीवाल सरकार के लिए एक बार फिर सिर दर्द बन गया है. दिल्ली सरकार ने कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन गतिविधियों को अगले आदेश तक बंद कर रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं. साथ ही सभी निर्माण श्रमिकों को 5 -5 हजार रुपए दिए जाएंगे. यह जानकारी पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दी है.बताया जा रहा है कि अब ट्रकों की एंट्री 7 दिसंबर तक बंद रहेगी. ‘गुलाबी बाग, मयूर विहार फेज 2, तिमारपुर, हरि नगर, द्वारका सेक्टर 3, अशोक विहार, रोहिणी सेक्टर-11, कड़कड़डूमा, विकासपुरी, पश्चिम विहार और वसंत कुंज में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पेशल बस का इंतजाम की व्यवस्था की गई है. प्रदूषण फैलाने वाली अलग-अलग एजेंसियों को 28 लाख 76 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. समय-समय पर पानी का छिड़काव दिल्ली में जारी रहेगा.सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में बढ़ते प्रदूषण के साथ-साथ कोरोना वायरस के खतरे की तरफ भी ध्यान दिलाया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा, प्रदूषण अभी भी ज्यादा है और कोरोना वायरस भी बढ़ रहा है. इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, वायरस के लिए हम अलग कदम उठा रहे हैं...सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा, दिल्ली एनसीआर में पीएनजी के अलावा अन्य ईंधन पर चलने वाले उद्योगों की स्थिति उपलब्ध है. हमने औचक जांच की और पाया कि मॉल आदि डीजी सेट को सामान्य बिजली पद्धति के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. सीजेआई ने पूछा कि ऐसे कौन से राज्य हैं जिन्होंने निर्देशों का अनुपालन नहीं किया है. इस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी ने राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली को 6 महीने पहले ही पत्र लिखकर कहा था कि जो प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग हैं उन्हें कहीं और शिफ्ट किया जाए या फिर उन्हें प्रदूषण न फैलाने वाले ईंधन दें, लेकिन किसी राज्य ने इस दिशा में कोई भी काम नहीं किया है.

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