ओमिक्रोन के खतरे के बीच डब्ल्यूएचओ ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोवोवैक्स टीके को दी मंजूरी
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप और गरीब देशों में वैक्सीन की कमी के बीच महामारी के खिलाफ लड़ाई में विश्व को कोवोवैक्स वैक्सीन के रूप में एक और हथियार मिल गया है.विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दे दी.पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के लाइसेंस के तहत भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन करेगी.बता दें कि कोवोवैक्स सीरम की नोवावैक्स वैक्सीन का ही वर्जन है.अदार पूनावाला ने कहा कि कोवोवैक्स को आपातकालीन मंजूरी मिलने से कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई और अधिक मजबूत होगी.कोवोवैक्स वैक्सीन को मंजूरी देते हुए डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कि इस वैक्सीन को अब वैश्विक वैक्सीपन शेयरिंग सिस्टमम के तहत कोवावैक्स के रूप में गरीब देशों को वितरित किया जाएगा.कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की उत्तर प्रदेश में एंट्री हो गई है.दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में बुजुर्ग दंपति में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है.दंपति की ट्रैवल हिस्ट्री महाराष्ट्र-राजस्थान से जुड़ी हुई है.दोनों इन राज्यों में कई शहरों में घूमने के बाद गाजियाबाद आए थे.महाराष्ट्र में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन डराने लगा है.यहां शुक्रवार को एक बार फिर 8 नए मरीज मिले हैं.इनमें सभी विदेश से लौटे हैं.4 संयुक्त अरब अमीरात.1-1 अमेरिका और नाइजीरिया, जबकि इन लोगों के संपर्क में आए 2 शख्स में नए संक्रमण की पुष्टि हुई है.महाराष्ट्र में अब कुल मामले बढ़कर 40 हो गए हैं.गुजरात में भी शुक्रवार को दो लोग ओमिक्रॉन संक्रमित मिले हैं.बताया जा रहा है कि ये दोनों बुजुर्ग दंपति हाल ही में जांबिया से लौटे हैं.इस तरह देशभर में ओमिक्रॉन के मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 113 हो गई है.

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