यूक्रेन से निकालना इवैक्यूएशन कहलाता; सरकार बस अपना प्रचार कर रही है' - इंडियन स्टूडेंट
(India) यूक्रेन से भारत वापस लौटे इंडियन स्टूडेंट का कहना, 'अगर भारत सरकार यूक्रेन से निकलने में हमारी मदद करती तो, उसे इवैक्यूएशन कहा जाता'। 4-5 रातें खुले आसमान के नीचे माइनस 10 और माइनस 20 डिग्री में हमने काटीं। हम कुचले गए, हमें पीटा गया। अब सरकार इवेक्युएशन के नाम पर अपना प्रचार कर रही है। क्रेडिट ले रही है।

‘हमने इंडियन एम्बेसी के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन एम्बेसी के किसी अधिकारी ने कॉल या मैसेज का जवाब नहीं दिया। हमारी एक दोस्त ने जब असलियत दिखाने के लिए फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया, तो तुरंत एम्बेसी से फोन आ गया कि वीडियो तुरंत डिलीट करो।’
माइनस 20 डिग्री की ठंड में 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। हम अपने कंधे पर पीने का पानी, खाना और अपना सामान लादे हुए थे।’

Digital Desk: Administrator

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