दरअसल, हाल में संपन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़े थे। इसलिए तकनीकी रूप से वह सपा के ही विधायक हैं।
शिवपाल ने कहा भी कि वह सपा के विधायक हैं और इस नाते वह बैठक में आमंत्रण को दो दिन से इंतजार कर रहे थे, जब न्योता नहीं आया तो वह यहां से चले गए। अब वह अपने अगले कदम का जल्द ऐलान करेंगे, जबकि सपा की दलील है कि शिवपाल सहयोगी दल के नेता हैं।
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