6 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चली मॉनिटरी पॉलिसी की मीटिंग के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सभी सदस्यों की सहमति से ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि सप्लाई चेन को लेकर ग्लोबल मार्केट दबाव में है। इससे पहले RBI की बैठक फरवरी में हुई थी। रेपो रेट वह रेट होता है जिस पर रिजर्व बैंक से बैंकों को कर्ज मिलता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जिस दर पर बैंकों को रिजर्व बैंक के पास अपना पैसा रखने पर ब्याज मिलता है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।