कंज्यमूर प्राइस इंडेक्स यानी CPI द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति फरवरी के महीने में 6.07% थी। जनवरी में रिटेल इन्फ्लेशन 6.01% दर्ज की गई थी। वहीं, पिछले पहले मार्च में रिटेल महंगाई दर 5.52% थी। मार्च महीने में खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) बढ़कर 7.68% हो गई जो कि फरवरी में 5.85% थी। बता दें कि यह लगातार तीसरा महीना है जब इंफ्लेशन रेट RBI की 6% की ऊपरी लिमिट के पार है।
क्या है वजह
बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग के चलते संबंधित सप्लाई चेन बाधित हुई जिस वजह से ग्लोबल स्तर पर अनाज उत्पादन, खाद्य तेलों की आपूर्ति और उर्वरक निर्यात पर असर पड़ा। इसके चलते खाने-पीने की चीजें महंगी हुई है। दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल पाम तेल की कीमतों में इस साल लगभग 50% की वृद्धि हुई है। खाद्य कीमतों में वृद्धि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लाखों लोगों द्वारा तेजी से महसूस की जा रही है।
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