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भगवान महावीर जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर का कल जन्मोत्सव का पावन प्रसंग है। महावीर का जन्म वैशाली के समीप कुंड ग्राम में राजा सिद्धांत तथा रानी त्रिशला के घर में बालक के रूप में हुआ। जैन धर्म के लोग महावीर जन्मोत्सव श्रद्धा भक्ति से मनाते हैं। भगवान महावीर ने हमेशा जियो और जीने दो का संदेश दिया, उन्होंने कहा, मनुष्य जन्म से नहीं धर्म से महान होता है। कहा जाता है कि महावीर ने साधना हेतु राजपाट छोड़ दिया था। भगवान महावीर ने कहा था कि अहिंसा परमो धर्म और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बहुत ही जरूरी है। महावीर सामाजिक क्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर ने समानता मुल्क समाज का उपदेश दिया। महावीर स्वामी के जीवन में अहिंसा, करुणा, दया आदि का खास स्थान था। इस शुभ अवसर पर भी पढ़ें भगवान महावीर के ये शानदार कोट्स
वो जो सत्य जानने में मदद कर सके, चंचल मन को नियंत्रित कर सके, और आत्मा को शुद्ध कर सके उसे ज्ञान कहते हैं-महावीर स्वामी
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