दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक की इकोनॉमी रिसर्च टीम ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जून में रेपो रेट में कम से कम 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा। ये सिलसिला अगस्त की बैठक में भी जारी रहने की आशंका है। मतलब ये कि रेपो रेट में लगातार दो बार बढ़ोतरी हो सकती है। आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 4 फीसदी पर स्थिर रखा है। यह लगातार 10वीं बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है।
नुकसान क्या है: अगर ऐसा होता है तो लोन की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। रेपो रेट के आधार पर ही बैंक लोन की ब्याज दरें भी तय करते हैं। यही वजह है कि रेपो रेट के बढ़ने या घटने की वजह से आम लोगों के होम या कार लोन की ईएमआई भी प्रभावित होती है।
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