गोशाला की देखरेख करने वाले गांव के सरपंच शिवराम गोदारा ने कहा, 'गोशाला शुरू करने का विचार फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले मवेशियों को देखकर आया।' गायों के नाम पर एफडी खोलने को लेकर उन्होंने कहा, '1 लाख रुपये की एफडी गायों के पालन-पोषण में काम आएगी। 31 एफडी में से आधे स्थानीय लोगों ने खुलवाई हैं और बाकी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खुलवाई हैं। एफडी के ब्याज का उपयोग गायों के लिए किया जाता है। हालांकि यह ब्याज सालाना 6,000 रुपये के आसपास होता है लेकिन मदद के तौर पर इसका इस्तेमाल हो जाता है। गोदारा ने कहा, 'जब एक गाय गर्भवती होती है, तो एफडी के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया जाता है और फिर कोई गोभक्त सामाजिक कार्यकर्ता गाय को गोद लेते हैं।'
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