मृतक देवा गुर्जर के परिजनों का कहना है कि पुलिस और जिला प्रशासन ने जल्द ही मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। प्रशासनिक अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नही है। घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई है। घर में कमाने वाला भी कोई नहीं है। ऐसे में देवा की दोनों पत्नियां और उनके बच्चों का लालन पोषण नहीं हो पा रहा है। देवा की कमाई का कुछ पता नहीं लग रहा है। परिजनों का आरोप है कि हत्याकांड में जिन लोगों के नाम बताए थे। पुलिस ने उनके नाम हटा दिए। देवा गुर्जर की बहन काली बाई का कहना है कि देवा की हत्या के कुछ दिनों बाद से ही घर के आस-पास नकाबपोश बाइक पर नजर आते हैं। काली बाई का कहना है कि घर पर छोटे-छोटे बच्चे हैं। अब तो हरपल डर लगा रहता है कि कहीं कोई अनहोनी नहीं हो जाए। घर के बाहर कोई गार्ड भी तैनात नहीं है।
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