1990 में यासीन मलिक ने अन्य आतंकवादियों के साथ मिलकर वायु सेना अधिकारियों पर अंधाधुन्ध गोलीबारी की थी, जिसमें चार अधिकारियों की मौत हो गई थी और 40 अन्य घायल हो गए थे। मरने वालों में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना भी थे। रवि खन्ना के शरीर पर 26 गोलियों के निशान मिले थे।
रवि खन्ना की पत्नी निर्मल खन्ना ने यासीन मलिक को फांसी देने की मांग की है। हालांकि बुधवार को दिल्ली की एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने उस पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यासीन मलिक के बचाव में बोलने वालों पर निर्मल ने कहा कि इन लोगों से जिनकी दुकानें चल रही थीं, वे तो बौखला ही जाएंगे। आगे कहा कि यह उसके (यासीन मलिक) द्वारा किए गए आतंकी हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय है। कुछ लोग संतुष्ट हो सकते हैं लेकिन मैं संतुष्ट नहीं हूं क्योंकि मैं अपने मामले में उसके लिए मौत की सजा चाहती हूं।
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