सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के विभिन्न प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया.... अदालत ने पीएमएलए के तहत प्रवर्तन निदेशालय को मिले गिरफ्तारी के अधिकार को बरकरार रखा है...सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को बताया कि PMLA के तहत 4700 मामलों की जांच की गई। अब तक केवल 313 गिरफ्तारियां हुई हैं। 388 केस में तलाशी की गई है। ये यूके, यूएसए, चीन, ऑस्ट्रेलिया, हॉन्गकॉन्ग, बेल्जियम और रूस की तुलना में काफी कम है।ED ने पिछले पांच साल में दर्ज 33 लाख अपराधों में से केवल 2186 मामलों को जांच करने का फैसला किया है। ED ने अब तक एक लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है और 992 मामलों में चार्जशीट दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारी मनमानी नहीं है....
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