उत्तराखंड एवलॉन्च,वायुसेना के दो चीता हेलीकॉप्टर बैस कैंप रवाना,दो लापता प्रशिक्षुओं की तलाश जारी
(India)
द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) में एवलांच की चपेट में आकर लापता हुए दो प्रशिक्षुओं की तलाश में सोमवार को अभियान शुरू कर दिया गया है। वहीं बेस कैंप के लिए सोमवार की सुबह वायुसेना के दो चीता हेलीकॉप्टर हर्षिल हेलीपैड से डोकरानी बामक बेस कैंप के लिये रवाना हुए। सोमवार को वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए द्रौपदी डांडा के बेस कैंप से पांच शव मातली हेलीपैड पहुंचाए गए। वर्तमान समय मे हर्षिल क्षेत्र में बादल लगे हैं। लापता प्रशिक्षुओं की तलाश में मैनुअली खोज बचाव टीम ने अभियान शुरू कर दिया है। अब तक 27 शव बरामद किए जा चुके हैं। द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) बेस कैंप से रविवार सुबह दस प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के शव उत्तरकाशी पहुंचाए गए। जहां मृतकों के स्वजन और निम के अधिकारियों ने उनकी शिनाख्त की। मृतकों में आगरा में तैनात पैरा कमांडो यूनिट के लांसनायक शुभम सिंह का पार्थिव शरीर भी थी, जिसे सैन्य सम्मान के साथ सेना को सौंपा गया। आपको बता दें कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी का 42 सदस्यीय प्रशिक्षु व प्रशिक्षक दल चार अक्टूबर की सुबह समिट कैंप से डीकेडी के आरोहण के लिए गया था।

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