भारत के रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने गुरुवार को कहा, "मिसाइल पर नई तकनीकों और उपकरणों को मान्य करने के लिए परीक्षण किया गया था. परीक्षण से यह साबित हुआ है कि मिसाइल अब पहले की तुलना में अधिक दूर लक्ष्य को भेद सकती है. अग्नि-5 परियोजना का उद्देश्य चीन के खिलाफ भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है, जिसके पास डोंगफेंग-41 जैसी मिसाइल होने की जानकारी है, जिसकी मारक क्षमता 12,000-15,000 किलोमीटर के बीच है."
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