खिलाफ जांच शुरू की थी। कर्ज देने से चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को फायदा हुआ था। इसके बाद कोचर छुट्टी पर चली गईं और समय पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन
किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। चंदा कोचर पर भेदभाव और वीडियो कॉन ग्रुप को फायदा पहुंचा ने के आरोप हैं।
चंदा कोचर पर 2009 और 2011 के बीच वीडियो कॉन समूह के प्रमोटर वेणु गोपाल धूत को लोन देने में आईसीआईसीआई बैंक में अपने पद का दुरुप योग करने का आरोप
लगाया गया था। यह आरोप लगाया गया था कि वेणु गोपाल धूत ने ICICI बैंक से ऋण प्राप्त करने के बाद Nupower Renewables में करोड़ों का निवेश किया था। बता दें
कि चंदा कोचर को इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी मामले में 2021 में गिरफ्तार किया था।
हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने चंदा कोचर की सीईओ पद से बर्खास्तगी को ‘वैध’ करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सेवानिवृत्ति के बाद के लाभ के लिए उनके अंतरिम
आवेदन को भी खारिज कर दिया।
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