इस खोज की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी नए या महंगे केबल की जरूरत नहीं पड़ी। वैज्ञानिकों ने मौजूदा स्टैंडर्ड ऑप्टिकल फाइबर के जरिए ही डेटा ट्रांसफर की तकनीक को बदला। उन्होंने लाइट स्पेक्ट्रम के उन हिस्सों का इस्तेमाल किया, जिन्हें पहले अनुपयोगी माना जाता था, जिससे कम संसाधनों में ज्यादा डेटा भेजना संभव हो सका।
डेनमार्क में आयोजित ऑप्टिकल कम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस में पेश की गई यह रिसर्च भविष्य की 7G नेटवर्क टेक्नोलॉजी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह सफलता अभी नियंत्रित लैब परिस्थितियों में हासिल हुई है। इसे आम लोगों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर लागू करने में अभी समय और तकनीकी विकास की जरूरत होगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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