यह टूल कैमरा आधारित तकनीक से बुफे में मौजूद व्यंजनों की पहचान करता है और फिर अलग-अलग खाने की भारीपन की मात्रा का अनुमान लगाकर सुझाव देता है कि किस डिश से शुरुआत करें और किन्हें बाद में लेना बेहतर होगा। शुरुआती परीक्षण के दौरान इसे एक निजी समारोह में इस्तेमाल किया गया, जहां मेहमानों को यह काफी उपयोगी लगा। सोशल मीडिया पर इसके बारे में पोस्ट सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयोग दिखाते हैं कि एआई सिर्फ बड़ी कंपनियों या रिसर्च प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की छोटी समस्याओं का भी समाधान कर सकता है। भविष्य में इस तरह के टूल में हेल्थ से जुड़े संकेत, कैटरिंग क्वालिटी रेटिंग और पोषण संबंधी जानकारी जोड़ने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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