संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि जब बाहरी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी गर्म कार में अचानक ठंडी हवा लगने से शरीर को “थर्मल शॉक” लग सकता है, जिससे सिरदर्द, चक्कर और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि कार में बैठने से पहले दरवाजे और खिड़कियां खोलकर अंदर की गर्म हवा को बाहर निकलने देना चाहिए। साथ ही वाहनों को छायादार जगह पर पार्क करना या खिड़कियां थोड़ी खुली छोड़ना भी फायदेमंद हो सकता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बिना सावधानी बरते अत्यधिक गर्म कार में प्रवेश करना हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। कुछ मामलों में ऐसी घटनाएं जानलेवा भी साबित हुई हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूकता और छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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