प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, राजनीति में उनकी भागीदारी और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर देना था। छात्राओं ने निबंध के माध्यम से अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की भागीदारी और उत्साह विशेष रूप से देखने को मिला। आयोजकों के मुताबिक, ऐसे आयोजनों के जरिए छात्राओं को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सोचने, अपनी राय बनाने और उसे प्रभावी तरीके से व्यक्त करने का मंच मिलता है।
उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान की ओर से महाविद्यालय के साथ मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम में भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।
निबंध प्रतियोगिता के जरिए छात्राओं को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे समसामयिक विषय पर विचार करने का अवसर मिला। साथ ही, लेखन के माध्यम से अपने विचारों को व्यवस्थित तरीके से सामने रखने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर रहा।
भाषा विभाग के निदेशक **सर्वेश कुमार सिंह** ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
पुरस्कार और प्रमाणपत्र वितरण का कार्यक्रम **1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार** में आयोजित किया जाएगा।
महाविद्यालय की प्राचार्या **प्रो. शिवानी श्रीवास्तव** ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। आयोजकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां छात्राओं को अपने अधिकारों और सामाजिक भूमिका के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को लेकर समझ विकसित करने में मदद करती हैं।
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